जब सेविंग की बात आती है तो वर्किंग वूमन तो बचत करके अपने फंड का सही तरीके से मैनेजमेंट कर लेती हैं पर घरेलू महिलाओं को अपने लिए विकल्पों की कमी जरूर महसूस होती है। अगर वे थोड़ी बहुत बचत करती भी हैं तो इसका उन्हें खास फायदा नहीं मिलता। निवेश की बात करें तो वे अपनी बचत को सोना खरीदने पर ही लगाती हैं। हालांकि थोड़ी सूझ बूझ और जानकारी के साथ घर में रहने वाली महिलाएं भी अपनी बचत पर सालाना औसतन 15 फीसदी तक का रिटर्न कमा सकती हैं।
सेविंग की बात करें तो आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबीआई बैंक और एक्सिस बैंक आदि महिलाओं के लिए खास सेविंग अकाउंट की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर आईसीआईसीआई बैंक के वुमेन एडवांटेज अकाउंट के जरिए आप 10,000 रुपये के न्यूनतम निवेश पर महिलाएं पैसे जमा करा सकती हैं। आईडीबीआई बैंक के सुपर शक्ति अकाउंट और एक्सिस के वीमेंस सेविंग्स अकाउंट का सहारा भी लिया जा सकता है। इसके अलावा पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट में प्रतिमाह 50 रुपए और मंथली इनकम अकाउंट में हर महीने 1500 रुपए जमा करा कर 4 से 8 फीसदी का रिटर्न कमाया जा सकता है। इसके अलावा रैकरिंग डिपॉजिट के माध्यम से 100 से 500 रुपए तक की मासिक बचत की जा सकती है।
डिपॉजिट स्कीम, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट भी निवेश के लिहाज से बेहतर विकल्प है क्योंकि इसमें जोखिम भी काफी कम है। इंश्योरेंस पॉलिसी के जरिए बचत का फायदा तभी है जब उसका निवेश करके अ%छा रिटर्न कमाया जा सके। घरेलू महिलाएं आसानी से निवेश में भी हाथ आजमा सकती हैं। इसके लिए इक्विटी म्यूचुअल फंड में सिस्टमेटिक इंवेस्टमेंट घ्लान (सिप) का सहारा लिया जा सकता है। इस पर लंबे समय में उन्हें 10 से 15 फीसदी का औसतन रिटर्न मिल सकता है। उन्होंने कहा कि कई %वैलर्स इंस्टॉलमेंट पर सोना उपलब्ध करा रहे हैं। हालांकि यह निवेश का पारंपरिक तरीका है इसके बावजूद ईएमआई के जरिए इस पर निवेश करना फायदे का सौदा है और सुविधाजनक भी।
अगर घरेलू महिलाएं अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट और बाकी की सेविंग के जरिए ठीक-ठाक रकम जमा कर लेती हैं और उन्हें निवेश के लिए कोई विकल्प नहीं नजर आ रहा है तो इन फंड को प्रॉपर्टी में भी डाइवर्सिफाइ किया जा सकता है। यह निवेश के लिहाज से तो अ%छा है ही साथ ही इससे आपका भविष्य भी सुरक्षित होगा।
महिलाओं के लिए निवेश के लिहाज से पुरुषों से अलग योजनाएं नहीं चलाई रही हैं, इसके बावजूद अपनी सुविधा और जरूरत के हिसाब से वे अपने लिए उपयुक्त घ्लान का चुनाव कर सकती हैं। ट्रांसेंड कंसल्टिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर एवं डायरेक्टर कार्तिक झावेरी ने कहा कि निवेश के लिए घ्लान का चुनाव करते वक्त इस बात का ख्याल जरूर रखना चाहिए कि इसकी अवधि कितनी हैं और इसमें कितना लचीलापन है। साथ ही लिक्विडिटी का ख्याल रखना तो बेहद जरूरी है। झावेरी के मुताबिक निवेश के लिए उसी बैंक की मदद लें जिसमें मॉडर्न बैंकिंग की व्यवस्था हो। इससे आप इंटरनेट के जरिए ही अपने निवेश पर नजर रख सकती हैं। अ%छा यही होगा कि आपके बाकी अकाउंट और डीमैट अकाउंट एक ही बैंक में हो। इससे आप अतिरिक्त सुविधाओं का फायदा भी उठा पाएंगी।
इसके अलावा फिक्स्ड डिपॉजिट और लिक्विड फंड भी महिलाओं के लिए निवेश का बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। फिक्स्ड डिपॉजिट की जरिये एक निश्चित अवधि के लिए पैसा जमा करके महिलाएं इस पर औसतन 9 फीसदी तक की दर से ब्याज कमाया जा सकता है। लिक्विड फंड ऐसा शार्ट टर्म डिपॉजिट है जिसमें आपातकालीन परिस्थितियों के लिए पैसे जमा कर बचत खाते से बेहतर रिटर्न पाया जा सकता है। लिक्विड फंड आम तौर पर डेट में निवेश करते हैं और इस कारण इनमें जोखिम कम होता है। आम तौर पर इनका रिटर्न बैंकों के बचत खाते की तुलना में अच्छा रहता है।
मनीष कुमार मिश्रा
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